राधिका सरथकुमार की लीड रोल वाली रूरल कॉमेडी ड्रामा ‘थाई किझावी’ से किसी ने भी उम्मीद नहीं की थी कि ये बॉक्स ऑफिस को हिला डालेगी. कम बजट और बिना बड़े स्टार कास्ट वाली ये फिल्म दर्शकों का दिल जीत रही है और इसी के साथ ये थिएटर्स में अपने दूसरे हफ्ते में भी लगातार अच्छा परफॉर्म कर रही है. यहां तक कि इसने सिनेमाघरों में मौजूद साउथ से लेकर बॉलीवुड तक की कई फिल्मों को धूल चटा दी है और कई रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिये हैं. चलिए यहां जानते हैं ‘थाई किझावी’ ने रिलीज के 12वें दिन यानी दूसरे मंगलवार को कितने नोट छापे हैं?
‘थाई किझावी’ ने 12वें दिन कितनी की कमाई?
साल की शुरुआत से तमिल फिल्म इंडस्ट्री की कोई बड़ी ब्लॉकबस्टर नहीं आई है. ऐसे में डायरेक्टर शिवकुमार मुरुगेसन की फिल्म थाई किझावी न केवल दर्शकों की फेवरेट बन गई है वहीं ये खूब कमाई भी कर रही है. दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म में कोई बड़ा मेल स्टार नहीं हैं. राधिका सरथकुमार स्टारर ये फिल्म आम कमर्शियल तमिल फिल्मों की कैटेगरी में भी नहीं आती. फिर भी हर तरफ से पॉजिटिव रिव्यू मिलने के बाद, थाई किझावी बॉक्स ऑफिस पर बहुत अच्छा परफॉर्म कर रही है.
इंडस्ट्री ट्रैकर सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने अब तक दुनिया भर में 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है. 27 फरवरी को भारत में 2.65 करोड़ रुपये के अच्छे नेट कलेक्शन के साथ ओपनिंग करने के बाद, फिल्म ने वीकेंड में अपनी कमाई में अचानक उछाल देखा और अपने पहले शनिवार और रविवार को एक के बाद एक 5 करोड़ रुपये और 6.15 करोड़ रुपये कमाए. अगले वीकडेज़ में भी, फिल्म का कलेक्शन 1.7 करोड़ रुपये से कम नहीं हुआ.
- अब सैकनिल्क के मुताबिक फिल्म ने 12वें दिन यानी दूसरे मंगलवार को 1.79 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है.
- इसी के साथ भारत में इस फिल्म का 12 दिनों का नेट कलेक्शन 39.64 करोड़ रुपये हो गया है.
- वहीं इसका भारत में ग्रॉस कलेक्शन 45.36 करोड़ रुपये है.
थाई किझावी के बारे में
शिवकुमार मुरुगेसन ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म को लिखा भी है. थाई किझावी को सुधन सुंदरम और शिवकार्तिकेयन ने पैशन स्टूडियोज़ और शिवकार्तिकेयन प्रोडक्शंस के बैनर तले प्रोड्यूस किया है. फिल्म में राधिका सरथकुमार सेंट्रल रोल में हैं, जबकि सिंगमपुली, अरुलडोस, मुनीशकांत, बाला सरवनन और इलावरसु सपोर्टिंग रोल में हैं. फिल्म की कहानी बेटों के एक ग्रुप के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी पैरालाइज्ड मां की मौत के बाद शुरू में विरासत में पैसा पाने की उम्मीद करते हैं। हालांकि, जब उन्हें पता चलता है कि मां के पास एक कीमती खजाना है, तो उनकी प्रायोरिटी बदल जाती है, जिससे वे उसे जिंदा रखने की कोशिश करते हैं. कहानी एक डार्क कॉमेडी फैमिली ड्रामा के तौर पर सामने आती है.