तमिल फ़िल्म ‘थाई किझावी’ मामूली बजट में बनी बिना बड़े स्टार्स वाली मूवी थी. इसे दर्शकों ने खूब पसंद किया और इसी के साथ इसने बॉक्स ऑफिस लूट लिया. यहां तक कि कई बड़ी फिल्मों के बीच इसने बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार परफॉर्म किया है. वहीं अब ये फिल्म अपने पांचवें हफ़्ते में कुल कमाई में 2 करोड़ रुपये और जोड पाई है जो पिछले हफ़्ते के मुक़ाबले लगभग 60 प्रतिशत की गिरावट हैय
इसी के साथ शिवकुमार मुरुगेसन द्वारा निर्देशित यह कॉमेडी ड्रामा अब बॉक्स ऑफ़िस पर अपने अंतिम दिन गिन रहा है. चूंकि यह फ़िल्म जल्द ही डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर रिलीज़ होने वाली है, इसलिए अब यह अपनी कुल कमाई में 50 लाख रुपये से ज़्यादा नहीं जोड़ पाएगी. ऐसे में चलिए यहां जानते हैं ‘थाई किझावी’ का लाइफ टाइम कलेक्शन कितना रहेगा?
‘थाई किझावी’ का लाइफटाइम कलेक्शन कितना रह सकता है?
पिंकविला की रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक ‘थाई किझावी’ की ग्रॉस कमाई 63.50 करोड़ रुपये है. ये फिल्म अपनी पूरी बॉक्स ऑफिस जर्नी लगभग 64 करोड़ रुपये की नेट कमाई पर खत्म करने के लिए पूरी तरह तैयार है. राधिका सरथकुमार स्टारर इस फिल्म के लिए यह एक शानदार कुल कमाई है. दर्शकों से ले पॉजिटिव वर्ड-ऑफ-माउथ की बदौलत, यह कॉमेडी ड्रामा बॉक्स ऑफिस पर एक ‘क्लीन हिट’ फिल्म साबित हुई है.
भारत में ‘थाई किझावी’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
- पहला हफ़्ता 25 करोड़ रुपये
- दूसरा हफ़्ता 19 करोड़ रुपये
- तीसरा हफ़्ता 13 करोड़ रुपये
- चौथा हफ़्ता 4.5 करोड़ रुपये
- 5वां हफ़्ता 2.00 करोड़ रुपये
- कुल 63.50 करोड़ रुपये
‘थाई किझावी’ ने अपने होम टाउन से की है सबसे ज्यादा कमाई
बता दें कि इस फिल्म ने अपने होम टाउन में सबसे ज्यादा अच्छा परफॉर्म किया है जहां इसने अपने पूरे सफर के दौरान 57.50 करोड़ रुपये की ग्रॉस कमाई की है. भारत के बाकी बाजारों से इसने लगभग 6 करोड़ रुपये कमाए जिसमें 4.75 करोड़ रुपये इसने कर्नाटक से बटोरे, यह फिल्म अब केवल तमिलनाडु में चल रही है; बाकी जगहों पर इसका थिएट्रिकल रन अब खत्म हो चुका है.
‘थाई किझावी’ की स्टोरी
बता दें कि ‘थाई किझावी’ की कहानी 70 साल की एक महिला, पावुनाथाई के इर्द-गिर्द घूमती है. वह एक गांव की दबंग और घमंडी मुखिया है, जो एक बेरहम साहूकार के तौर पर काम करती है. अपने बेबाक और आज़ाद ख्यालों के लिए मशहूर पावुनाथाई अपने बच्चों से अलग-थलग रहती है. लेकिन, जब पावुनाथाई बीमार हो जाती है, तो उसके बेटे घर लौट आते हैं, जिससे पुराने ज़ख्म फिर से हरे हो जाते हैं और परिवार के अंदर का उथल-पुथल भरा माहौल सामने आ जाता है.