टैक्स फ्री से पाइरेसी और सरकारी ओटीटी तक, कमल हासन ने सीएम विजय से की ये 6 मांगें

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साउथ सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और राजनेता कमल हासन ने तमिल सिनेमा के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के सामने अपनी छह मांगें रखी. उनका मानना है कि बदलते समय में फिल्म इंडस्ट्री को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और अगर समय रहते सही कदम नहीं उठाए गए, तो इससे फिल्मों से जुड़े हजारों लोगों पर असर पड़ सकता है.

कमल हासन ने सीएम विजय से की मुलाकात
अभिनेता कमल हासन ने मुख्यमंत्री विजय से मुलाकात की और एक्स टाइमलाइन पर इस बारे में जानकारी साझा की. उन्होंने लिखा, ‘आज मैंने तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री विजय से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की. उन्होंने तमिलनाडु के विकास के लिए अपने कई सपनों को साझा किया. मुलाकात के दौरान उन्होंने जो विनम्रता और स्नेह दिखाया, उससे मैं गर्व से भर गया.’

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कमल हासन ने सीएम से की 6 मांगें
उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने तमिलनाडु सरकार के सामने 6 मांगें रखी हैं. मैंने ये भी बताया है कि इस समय तमिल फिल्म इंडस्ट्री कई चुनौतियों का सामना कर रही है. अगर समय रहते सही कदम नहीं उठाए गए, इससे उन हजारों लोगों पर असर पड़ सकता है, जो फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हैं. ऐसे में इंडस्ट्री को समर्थन और प्यार की जरूरत है. आशा है कि इससे लाभ मिलेगा.’

आखिर क्या है सरकारी ओटीटी? 
कमल हासन की 6 मांगों में सबसे बड़ी मांग सरकारी ओटीटी प्लेटफॉर्म शुरू करने की रही. उन्होंने कहा, ‘सरकार को ऐसा मंच बनाना चाहिए जहां लोग कम कीमत में तमिल फिल्में, स्वतंत्र फिल्में और डॉक्यूमेंट्री देख सकें. इससे छोटे फिल्मकारों और नए कलाकारों को भी अपनी कला दिखाने का मौका मिलेगा. साथ ही तमिल भाषा और संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा.’

फिल्मों से टैक्स हटाने की मांग
इसके अलावा, कमल हासन ने फिल्मों पर लगने वाले 4 प्रतिशत मनोरंजन टैक्स को हटाने की मांग भी की. उन्होंने कहा, ‘आज फिल्म बनाने का खर्च पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गया है. थिएटर चलाने वाले लोगों को भी बिजली, स्टाफ और दूसरी चीजों पर ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है. ऐसे में यह टैक्स उनके लिए अतिरिक्त बोझ बन गया है. अगर सरकार यह टैक्स हटा देती है, तो निर्माताओं और थिएटर मालिकों को राहत मिलेगी. इससे ज्यादा लोग फिल्म निर्माण में निवेश करने के लिए आगे आ सकते हैं और थिएटर व्यवसाय भी बेहतर तरीके से चल पाएगा.’

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डिजिटल पाइरेसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग
कमल हासन ने डिजिटल पाइरेसी के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की. उन्होंने कहा कि कई बार फिल्म रिलीज होते ही उसकी गैरकानूनी कॉपी इंटरनेट पर आ जाती है, जिससे फिल्मों की कमाई पर बड़ा असर पड़ता है. इसका नुकसान सिर्फ निर्माता को नहीं बल्कि पूरी इंडस्ट्री को होता है.

साइबर क्राइम विभाग और एंटी-पाइरेसी का सहयोग
उन्होंने तमिलनाडु पुलिस के साइबर क्राइम विभाग में एक खास एंटी-पाइरेसी टीम बनाने की मांग की. उनका कहना है कि यह टीम इंटरनेट पर लीक हो रही फिल्मों को तुरंत हटाने का काम करे, ताकि फिल्मों की चोरी रोकी जा सके.

थिएटर मालिकों को राहत देने की अपील
थिएटर मालिकों को राहत देने की भी कमल हासन ने मांग उठाई. उन्होंने कहा, ‘तमिलनाडु के सभी सिनेमाघरों को हर फिल्म के लिए रोज पांच शो चलाने की अनुमति मिलनी चाहिए. इससे थिएटरों की कमाई बढ़ेगी और दर्शकों को भी ज्यादा विकल्प मिलेंगे.’

8 हफ्तों तक ओटीटी रिलीज नहीं…
इसके अलावा, कमल हासन ने किसी फिल्म को थिएटर में रिलीज होने के बाद कम से कम आठ हफ्तों तक ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नहीं लाए जाने की भी मांग की. उन्होंने कहा कि फिल्मों के जल्दी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आने से सिनेमाघरों को नुकसान होता है और दर्शक थिएटर जाने से बचते हैं.

आखिरी मांग में कमल हासन ने फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए नई प्रोत्साहन योजना शुरू करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि अगर सरकार फिल्म इंडस्ट्री को समर्थन देगी, तो तमिलनाडु फिर से बड़े फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में उभर सकता है. इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य में पर्यटन को भी फायदा मिलेगा.

நன்றி

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