केजीएफ फ्रैंचाइजी ब्लॉकबस्टर रही थी और इस फिल्म से यश को खूब पॉपुलैरिटी मिली थी. फिल्म में यश लंबे बाल और दाढ़ी में नजर आए थे. वहीं फेमस डायरेक्टर तिग्मांशु धुलिया ने एक लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान यश के केजीएफ लुक पर निशाना साधा. उन्होंने यहां तक कह दिया की फिल्मों में लंबे बाल और दाढ़ी वाले हीरो राक्षस जैसे दिखते हैं.
यश के केजीएफ लुक पर तिग्मांशु धूलिया का निशाना
बता दें कि तिग्मांशु धुलिया हाल ही में कोशाला लिटरेचर फेस्टिवल में पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने साउथ इंडियन फिल्मों में हीरो के बदलते लुक और हिंसा पर तंज कसा.
तिग्मांशु ने कहा कि फिल्मों में आजकल हीरो के लंबे बालों और बड़ी दाढ़ी के साथ दिखाया जाता है, जिससे वे राक्षस जैसे लगते हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि रामायण और महाभारत के राक्षसों जैसे दिखने वाले किरदारों को हीरो क्यों बनाया जा रहा है और वे युवाओं के बीच क्यों पॉपुलर हो रहे हैं.

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फिल्मों में हिंसा को लेकर क्या बोले तिग्मांशु?
तिग्मांशु धुलिया ने कहा कि आजकल की फिलमें ज्यादा वॉयलेंस से भरी और गुस्से वाली हो गई हैं. उनके मुताबिक, ‘बाहुबली’ के बाद केजीएफ और ‘कांतारा’ जैसी फिल्मों में हिंसा और खून-खराबा बढ़ा है. हालांकि उन्हें ऐसी फ़िल्में पसंद नहीं हैं, लेकिन उन्होंने माना कि दर्शकों को ये पसंद आती हैं.
तिग्मांशु ने आगे कहा कि हो सकता है कि लोगों के मन में बहुत गुस्सा हो और उसे निकालने का कोई जरिया न हो. यही एक वजह हो सकती है कि वे स्क्रीन पर आक्रामक किरदारों से जुड़ते हैं और उन्हें देखना पसंद करते हैं.
तिग्मांशु धुलिया वर्क फ्रंट
इस बीच बता दें कि तिग्मांशु धूलिया की फिल्म ‘घमासान’ 11 सितंबर को ओटीटी के प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज हुई है. इस फिल्म में प्रतीक गांधी और अरशद वारसी ने लीड रोल प्ले किया हैं और यह बुंदेलखंड के डकैतों की दुनिया से इंस्पायर है. इस फिल्म को काफी पसंद किया जा रहा है.
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